सोमवार, 21 अप्रैल 2008

उसकी गलियों में भी जाना छुट गया: कुछ: मेरी डायरी से!

उसकी गलियों में भी जाना छुट गया,

एक बहाना था उसे निहारने का वो छुट गया।

जाने क्या जिद थी कि हम चले जाते थे उन्हें देखने,
जिन्होंने खिड़की पे आना कब का छोड़ दिया।

वो परेशां हो जाता था हमें अपनी गली में देखकर,

उसका अब यूं घबराना भी छुट गया।

1 टिप्पणी:

  1. उस के भाई को पता चल गया हो गा जो अब खिडकी पर भी नही आती, बच कर रहना उस के भाई से.

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