मंगलवार, 13 मई 2008

चीन में भूकंप: क्या चीन पर तिब्बत का क़हर पड़ा है?

अचानक ये बात सुनकर मेरे कान खडे हो गए। हम चीन के भूकंप की अभी बात कर ही रहे थे और अफ़सोस ही जाता रहे थे तभी मेरी बहन बोल पड़ी और हम उसका चेहरा देखने लगे. मेरी बहन ने कहा भाई ये तिब्बत का क़हर है न जो चीन पर टूटा है? मैं इस सवाल का जवाब केवल मुंडी हिलाकर ही दे पाया क्यूंकि मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या कहूं. चीन में इतना बड़ा भूकंप आया और हजारों लोग मारे गए उन सभी को हमारी श्रद्धांजलि और परिवारवालों से हमदर्दी तो है मगर इस सवाल का जवाब मुझे सुझाई नहीं दे रहा. हमारे यहाँ कहावत है कि अल्लाह की लाठी बेआवाज़ होती है और बुरा करने वाले को उसका सिला इसी दुनिया में ही मिलता है.तो क्या ऐसा इसलिए हुआ कि चीन ने तिब्बत के लोगों पर ज़ुल्म किये थे?इस सवाल को कुछ देर छोड़ देता हूँ और अमेरिका के बारे में सोचता हूँ.

अमेरिका इराक और अफगानिस्तान के बाद अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। इस बीच उसने अनेकों तूफ़ान देखे, जंगलों में आग देखी और साथ ही देखी आर्थिक मंदी जिसने उसे सबसे ज्यादा चोट पहुँचाई है.अगर में अपनी छोटी बहन की बात याद करूं तो क्या उसे भी अपने द्वारा इराक और अफगानिस्तान में किया कामों का फल मिल रहा है? क्या जैसे उसने इन देशों की जनता के साथ जो किया उसी का फल मिल रहा है और उसकी भी जनता को झेलना पड़ रहा है?
अब यदि मैं अपनी सोच को इसी तरह रखता हूँ तो शायद रूढिवादी या अंधविश्वासी का तमगा मुझे दे दिया जायेगा. मगर मैं इस सवाल का क्या जवाब दूं मुझे समझ नहीं आया. मैं हमेशा से महनत के साथ साथ किस्मत को भी मानता हूँ. और मेरा ये भी मानना है कि बुरे लोगों के साथ हमेशा बुरा नहीं होता मगर जब होता है तो बहुत बुरा होता है. हम अपनी ताक़त के जोश में अच्छा बुरा और सही गलत भूल जाते हैं मगर हमें याद रखना चाहिए कि हमें अपने किये का फल यहीं अदा करना है.

5 टिप्‍पणियां:

  1. ऐसा कुछ नहीं है, ऐसा होता तो जापान, चीन, जर्मनी, इसराइल, पाकिस्तान सभी को सजा मिलना चाहिये, ये सब मन का वहम भर है

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  2. इस तरह की कल्पनाएँ कमजोरी का अहसास कराती हैं। एक प्राकृतिक विपदा को किसी के भी सर मंढ़ना खुद एक अच्छी बात नहीं। चाहे वह शत्रु ही क्यों न हो>

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  3. kash aisa hota ...par bechare kai nirdosh jinhe kisi sarkaar se kuch lena dena nahi hai...vahi pis jate hai.

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  4. yah keval prakrtik aapda hai ise usi nazar se dekhe.. japan mein to aaye din bhukamp aata rehta hai.. mujhe nahi lagta unhone kisi ka kuch bigada hai.. allah ki lathi beaawaz hi sahi.. par nirdosho ko nahi padti hai.. prakrtik aapdao mein sabhi mare jate hai..

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  5. नदीम भाई ऎसा नही होता, क्यो की किसी भी देश की जनता कभी नही लडती, फ़िर उस बे कसुर जनता को क्यो भगवान या अल्लाह क्यो दुख देगा.यह तो बस वहम हे, ऎसी बातो मे मत पडो.

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