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Thursday, May 27, 2010

गिरेबाँ झाँकना सीखा नहीं उन्होंने अब तक ! त्रिवेणी की कोशिश!


शिकायत सी है उन्हें हम से,
अब
भी बेवफा समझते हैं हमें,
!
!
!
गिरेबाँ
झाँकना सीखा नहीं उन्होंने अब तक.

2 comments:

  1. वाह! बढ़िया है!

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  2. वाह! बहुत सुन्दर!

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